Sunday, 11 June 2017

मानता हूँ, दुनियाँ में क्रांतियां भूखे लोगों की वजह से ही हुई हैं लेकिन यह भी एक सच है इन भूखे लोगों को नेतृत्व हमेशा भरे पेट वालों ने ही प्रदान किया | इसीलिए हर क्रान्ति के बाद दुनियाँ में भूखे लोगों की संख्या बढ़ी ही है  |  

No comments:

Post a Comment