एक प्रेम कविता
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चन्द रोज और
फिर हम तुम दोनों
अपने अपने घेरों में कैद
एक दूसरे की पहुँच से दूर
अनुपस्थित में भी
एक दूसरे से जुड़ जायेंगे
हम अचानक अपनी उम्रों से
बहुत छोटे हो जायेंगे |
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चन्द रोज और
फिर हम तुम दोनों
अपने अपने घेरों में कैद
एक दूसरे की पहुँच से दूर
अनुपस्थित में भी
एक दूसरे से जुड़ जायेंगे
हम अचानक अपनी उम्रों से
बहुत छोटे हो जायेंगे |
मेरा बच्चा मुझे पापा
तुम्हारा बच्चा तुम्हे माँ
कहकर जगायेगा
अपनी तोतली भाषा में
हमें बड़े होने का अहसास कराएगा |
तुम्हारा बच्चा तुम्हे माँ
कहकर जगायेगा
अपनी तोतली भाषा में
हमें बड़े होने का अहसास कराएगा |
बार बार छोटे और फिर बड़े
होने की इस प्रकिया में
हम न छोटे और न बड़े ही रह पाएंगे
एक दिन दहलीज पर खड़े -खड़े देखेंगे क़ि
हमारे बच्चे
हमसे भी बड़े हो गए हैं ।
होने की इस प्रकिया में
हम न छोटे और न बड़े ही रह पाएंगे
एक दिन दहलीज पर खड़े -खड़े देखेंगे क़ि
हमारे बच्चे
हमसे भी बड़े हो गए हैं ।
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