Sunday, 19 July 2015

वे पाखंडों को धर्म मानते हैं
सांप बीन की धुन पर नाचते हैं



एक तरफ डिजिटल इण्डिया का सपना दिखाया जा रहा है और दूसरी ओर रथ यात्रा के आयोजन का ढकोसला |



इफ्तार पार्टियों की दौड़ में 
वे जोर-शोर से शामिल हैं
उन्हें किसी भविष्य-वक्ता ने बताया है 
जो इस दौड़ में प्रथम आयेगा
उसकी छत पर वोटों की बारिश होगी |





अच्छे दिनों का इंतज़ार 
६८ बरस किया 
२५ बरस और कर लेंगे 
हम नहीं जी सके तो क्या 
हमारे बच्चे तो सुख-चैन से जियेंगे 
जो पेड़ हम लगाते हैं
उसके फल तो आखिर हमारे बच्चे ही खाते हैं |

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