ऊब,
ऊब से बचने के लिए
दूब की शरण में एक अल्पविराम |
आते हैं
तो डराते हैं
इसीलिए नींद में
अब सपने नहीं आते हैं |
व्यापम घोटाला
सिलसिलेवार इतनी मौतें
अब तो शक होता है
मौत है या कहीं कोई हत्यारा छिपा है ?
ऊब से बचने के लिए
दूब की शरण में एक अल्पविराम |
आते हैं
तो डराते हैं
इसीलिए नींद में
अब सपने नहीं आते हैं |
व्यापम घोटाला
सिलसिलेवार इतनी मौतें
अब तो शक होता है
मौत है या कहीं कोई हत्यारा छिपा है ?
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