हम
छोटे से बड़े होकर
बेटे से बाप बन जाते हैं
हमारे भीतर का बच्चा
कभी नहीं मरता |
2)
कब्रगाह नहीं है
शब्दकोश
शब्दों का कोष है
शब्द,
शब्दकोश से बाहर निकलता है
हमारा वर्तमान गढ़ता है
सच कहा-
हर भूत का एक वर्तमान होता है |
छोटे से बड़े होकर
बेटे से बाप बन जाते हैं
हमारे भीतर का बच्चा
कभी नहीं मरता |
2)
कब्रगाह नहीं है
शब्दकोश
शब्दों का कोष है
शब्द,
शब्दकोश से बाहर निकलता है
हमारा वर्तमान गढ़ता है
सच कहा-
हर भूत का एक वर्तमान होता है |
No comments:
Post a Comment