Wednesday, 8 August 2012

मेरे पैदा होने की तारीख़
माँ नहीं जानती
वोह कहती है
बस इतना याद है कि तू
पितरपक्ष में पैदा हुआ था
तेरे पिता ने
पुरखों को
सिर्फ एक दिन पानी दिया था
फिर उन्हें पानी नहीं दिया गया |
अन्धेरें में
उस पार खड़ा
मेरा पिता भूखा और उदास हैं
मेरी प्यास
 मेरे पुरखों की प्यास है
इस नन्हे पौधे को
इसी प्यास ने रोपा था |
माँ इसे
पौधा नहीं समझती
माँ कहती है ..
तुने पुरखों को ज़ना है
तू अपने पितरों का पिता है 

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