ज़िंदा नजर आओगे
तो बेमौत मारे जाओगे
ज़हर को
अमृत समझकर पीना है तो पियो
मुस्कराने का कोई सबब ही नहीं बचा
लाश की शक्ल में जीना है तो जियो
बड़ी तेज रफ़्तार है जिंदगी की
बरसों का सफर मिनटों में तय करो |
तो बेमौत मारे जाओगे
ज़हर को
अमृत समझकर पीना है तो पियो
मुस्कराने का कोई सबब ही नहीं बचा
लाश की शक्ल में जीना है तो जियो
बड़ी तेज रफ़्तार है जिंदगी की
बरसों का सफर मिनटों में तय करो |
No comments:
Post a Comment