जिस दिन सीता धरती में समाई थी रामराज्य भी धरती में समा गया था | न सीता लौटकर आएँगी न रामराज्य लौटेगा | रावण को जलाने की परंपरा निभाते रहे और राम के गुन गाते रहे |
रामराज्य
खयाली पुलाव है
बैगैर आग का अलाव है
सीता के जिस्म का घाव है |
रामराज्य
खयाली पुलाव है
बैगैर आग का अलाव है
सीता के जिस्म का घाव है |
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