Thursday, 11 August 2016

आत्म संतुष्टि के लिए कौन लिखता है दोस्त ? अगर आत्म संतुष्टि के लिए लिखता है तो फिर छपवाने और सुनाने के लिए इतनी बेचैनी क्यों होती है रचनाकार में | एक लंबी कविता किसी आलोचक के लिए खाद्य पदार्थ हो सकती है लेकिन उसे पाठक अगर नहीं मिलते तो आत्म संतुष्टि के लिए लिखी गयी ऐसी किसी भी रचना को बैंक के लॉकर में रख देना ही श्रेयष्कर होगा |  

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