Friday, 26 June 2015

आपातकाल १९७५  के दौरान लिखी गयी 
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रानी ने 
फरमान जारी कर दिया कि 
उसकी सल्तनत की रियाया 
अब बोलेगी नहीं 
किसी भी बात पर अपना मुहं खोलेगी नहीं  । 

उसने कहा और 
फरमान लागू हो गया 
कानून की शक्ल में 
पेड़ जड़ों की गहराई नाप रहा है |   

रानी का विश्वास है कि 
मुल्क के लोग
लाठी और गोली की भाषा समझते हैं 
उसका हर कानून 
लाठी है या गोली है 
रानी के शब्दों में--
जनता निगोड़ी है बहुत बोलती है  |   

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