Tuesday, 29 May 2012

जिंदगी में जो भी प्रयोग किये सब में नाकामयाबी मिली
अब तो जीने में डर लगता है
प्रयोग करने का हौशला ख़त्म
रोशनी की किरण दफ्न
अंधेरों से अब डर नहीं लगता
डरता हूँ रोशनी से अब

1 comment:

  1. संबंधों की कभी प्राकृतिक मौत नहीं होती
    उनका खून किया जाता है
    हमारे अहंकार द्वारा या
    हमारे आचरण द्वारा
    या फिर हमारी अज्ञानता इसका कारण होती है |
    संबंधों को शाश्वत बनाने की जुगत करे हम |

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